पंढरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
परिचारक सुधाकर रामचंद्र (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर पंढरपुर सीट जीती और पाटिल राजाराम औदुंबर (निर्दलीय) को 6,170 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 223 संगमनेर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 223 राहुरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। परिचारक सुधाकर रामचंद्र 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परिचारक सुधाकर रामचंद्र | 80,08447.4% | |
| 2 | पाटिल राजाराम औदुंबर निर्दलीय | निर्दलीय | 73,91443.7% |
| 3 | भोसले दत्तात्रय बाबुराव | 12,8937.6% | |
| 4 | पाटिल रविन्द्र गंभीर | 8660.5% | |
| 5 | केसकर मारुती शिवराम BBMS | BBMS | 7760.5% |
| 6 | टाकणे मल्लिकार्जुन सदाशिव निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.2% |
| 7 | हिवरकर सतीश गणेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और SHS को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पंढरपुर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 76.9% से घटकर 47.4% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 63.9% से बढ़कर 84.3% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978पाटिल औदुंबर कोंडीबा (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 1980डिंगरे पांडुरंग भानुदास (INC(I)), जीत का अंतर 4.1%
- 1985परिचारक सुधाकर रामचंद्र (INC), जीत का अंतर 12.4%
- 1990परिचारक सुधाकर रामचंद्र (INC), जीत का अंतर 68.6%
- 1995परिचारक सुधाकर रामचंद्र (INC), जीत का अंतर 3.6%
- 1999परिचारक सुधाकर रामचंद्र (NCP), जीत का अंतर 9.7%
- 2004परिचारक सुधाकर रामचंद्र (NCP), जीत का अंतर 12.0%