कांदिवलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
माधव मराठे (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर कांदिवली सीट जीती और चंद्रकांत गोसालिया (INC) को 16,001 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 मालाड थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 44 आर्वी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माधव मराठे | 91,51145.9% | |
| 2 | चंद्रकांत गोसालिया | 75,51037.9% | |
| 3 | यादव गिरजाशंकर मोहनलाल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 16,8648.5% |
| 4 | सोनी ठाकुर प्रसाद जनता दल | जनता दल | 3,9552.0% |
| 5 | शिवप्रसाद रामजी सोनी JP | JP | 2,4141.2% |
| 6 | गोटेचा शिरीष द्वारकादास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8740.9% |
| 7 | नरेन्द्र सिंह अवतार सिंह बख्शी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5610.8% |
| 8 | काजी इमामुद्दीन मुनीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1140.6% |
| 9 | जॉन फ्रेडरिक गोंसाल्वेस निर्दलीय | निर्दलीय | 7750.4% |
| 10 | रामकुमार शुक्ला | 6070.3% | |
| 11 | एड. आशीष बाफना निर्दलीय | निर्दलीय | 5990.3% |
| 12 | सुरेश गोविन्द बावकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.2% |
| 13 | डॉ. भोलानाथ बाविस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.2% |
| 14 | लीलाबेन चंद्रकांत पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.2% |
| 15 | बाबा गुप्ते (श्रीनिवास गुप्ते) निर्दलीय | निर्दलीय | 3200.2% |
| 16 | गुप्ता प्रभुदास छबीलदास निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.1% |
| 17 | अनिल श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.1% |
| 18 | यादव बैजनाथ रघुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.1% |
| 19 | इस्तियाक अहमद सिद्दीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.1% |
| 20 | चन्द सुलेमान नदाफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 21 | सैम्प्सन आनंदप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और SP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांदिवली से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 47.5% से बढ़कर 49.6% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978उपाध्याय हसमुखभाई वसंतराय (JNP), जीत का अंतर 57.5%
- 1980ए. के. शाह (INC(I)), जीत का अंतर 5.7%
- 1985चंद्रकांत गोसालिया (INC), जीत का अंतर 20.4%
- 1990चंद्रकांत गोसालिया (INC), जीत का अंतर 9.3%
- 1995माधव मराठे (BJP), जीत का अंतर 8.0%
- 1999मेहता प्रधुम्न उमियाशंकर (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 2004पी. यू. मेहता (INC), जीत का अंतर 6.4%