कांदिवलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1978
उपाध्याय हसमुखभाई वसंतराय (JNP) ने 1978 के विधान सभा चुनाव में 77.5% वोट पाकर कांदिवली सीट जीती और सूर्यकांत मतलिया (INC) को 38,881 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 मालाड थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 44 आर्वी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उपाध्याय हसमुखभाई वसंतराय 57.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उपाध्याय हसमुखभाई वसंतराय जनता | जनता | 52,44677.5% |
| 2 | सूर्यकांत मतलिया | 13,56520.1% | |
| 3 | लियो एंड्रयू रबेलो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6432.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांदिवली से कौन जीता, 1978–2004
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।
- 1978उपाध्याय हसमुखभाई वसंतराय (JNP), जीत का अंतर 57.5%
- 1980ए. के. शाह (INC(I)), जीत का अंतर 5.7%
- 1985चंद्रकांत गोसालिया (INC), जीत का अंतर 20.4%
- 1990चंद्रकांत गोसालिया (INC), जीत का अंतर 9.3%
- 1995माधव मराठे (BJP), जीत का अंतर 8.0%
- 1999मेहता प्रधुम्न उमियाशंकर (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 2004पी. यू. मेहता (INC), जीत का अंतर 6.4%