सिन्नरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
दिघोले तुकाराम सखाराम (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर सिन्नर सीट जीती और देशमुख दिगंबर जयवंतराव (SHS) को 7,142 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 69 चांदोर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 69 अहेरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिघोले तुकाराम सखाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 43,60037.4% |
| 2 | देशमुख दिगंबर जयवंतराव | 36,45831.3% | |
| 3 | शिंदे भागीरथ निवृत्ती | 29,48725.3% | |
| 4 | आव्हाड कोंडाजी रावबा BBMS | BBMS | 3,7503.2% |
| 5 | काकड नेताजी एकनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9491.7% |
| 6 | आरोटे महादू कालू निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.3% |
| 7 | आव्हाड माधव गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.3% |
| 8 | धात्रक चंद्रकांत पुंजाजी | 2160.2% | |
| 9 | खरात अर्जुन रामनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 10 | नागरे (भाऊसाहेब) पांडुरंग धोंडीबा निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिन्नर से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 64.6% से बढ़कर 75.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट SHS ने जीती।
- 1978गडाख सूर्यभान सुखदेव (IND), जीत का अंतर 18.9%
- 1980गडाख सूर्यभान सुखदेव (INC(U)), जीत का अंतर 46.5%
- 1985दिघोले तुकाराम सखाराम (ICS), जीत का अंतर 19.7%
- 1990दिघोले तुकाराम सखाराम (INC), जीत का अंतर 21.9%
- 1995दिघोले तुकाराम सखाराम (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 1999कोकाटे माणिकराव शिवाजी (SHS), जीत का अंतर 20.6%
- 2004कोकाटे माणिकराव शिवाजी (SHS), जीत का अंतर 14.8%