पन्हालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
पाटिल यशवंतराव एकनाथ (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर पन्हाला सीट जीती और कोरे निपुण विलासराव (निर्दलीय) को 15,311 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 281 नहीं थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 281 मिरज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पाटिल यशवंतराव एकनाथ | 46,16241.6% | |
| 2 | कोरे निपुण विलासराव निर्दलीय | निर्दलीय | 30,85127.8% |
| 3 | अशोकराव शंकरराव पाटिल (तात्या) | 22,97920.7% | |
| 4 | डी.एस. कांबले निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6195.1% |
| 5 | कांबले आबा पांडुरंग निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4992.3% |
| 6 | एस.पी. कांबले निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7941.6% |
| 7 | बी.बी. पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 7670.7% |
| 8 | लीलाबेन पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पन्हाला से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.4% से घटकर 41.6% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 70.5% से बढ़कर 76.3% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978पाटिल यशवंत एकनाथ (INC), जीत का अंतर 30.5%
- 1980पाटिल यशवंत एकनाथ (IND), जीत का अंतर 36.1%
- 1985पाटिल यशवंतराव एकनाथ (INC), जीत का अंतर 19.4%
- 1990यशवंत उर्फ़ दादा एकनाथ पाटिल (INC), जीत का अंतर 33.9%
- 1995पाटिल यशवंतराव एकनाथ (INC), जीत का अंतर 13.8%
- 1999कोरे विनय विलासराव (सावकर) (NCP), जीत का अंतर 16.2%
- 2004विनय विलासराव कोरे (सावकार) (JSS), जीत का अंतर 7.2%