नांदगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
देशमुख राजेन्द्र देविदास (SHS) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर नांदगांव सीट जीती और धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर (INC) को 10,222 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 बागलाण थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 72 बल्लारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देशमुख राजेन्द्र देविदास | 35,78630.1% | |
| 2 | धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर | 25,56421.5% | |
| 3 | गायकवाड माधवराव बायाजी वाम दल | वाम दल | 23,55419.9% |
| 4 | हिरे मधुकर शिवराम जनता दल | जनता दल | 13,52011.4% |
| 5 | दुकाले रोडू गोविंदा निर्दलीय | निर्दलीय | 11,5459.7% |
| 6 | सानप शिवाजी तात्याबा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6993.1% |
| 7 | कदम दुर्योधन कारभारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7581.5% |
| 8 | शेख हातम करीम निर्दलीय | निर्दलीय | 5840.5% |
| 9 | तोरे रामदास भिवसेन निर्दलीय | निर्दलीय | 5250.4% |
| 10 | हेंबाडे तान्हाजी देवराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.4% |
| 11 | सोनावाला शमीनभाई सत्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.4% |
| 12 | सोनवणे फकीरराव चिमणराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.2% |
| 13 | पठान यूनुसखान महबूबखान निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
| 14 | शेख अब्दुलसत्तार इबादुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 15 | गरुड़ संजय सुखदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 16 | मोरे ज्ञानेश्वर संपत निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 17 | एरंडे सरजाबाई विश्वासराव निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 18 | काले पुंजाराम भिमाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 19 | नरवाडे दिलीप महादू निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 20 | मिसर रविन्द्र विश्वनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 21 | बुरकुल अशोक कालू निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नांदगांव से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 61.4% से बढ़कर 65.7% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978नाहर कन्हैयालाल चुनीलाल (IND), जीत का अंतर 0.3%
- 1980धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर (INC(I)), जीत का अंतर 16.2%
- 1985गायकवाड माधराव बायाजी (CPI), जीत का अंतर 3.4%
- 1990धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 1995देशमुख राजेन्द्र देविदास (SHS), जीत का अंतर 8.6%
- 1999आहेर अनिलकुमार गंगाधर (INC), जीत का अंतर 15.3%
- 2004पवार संजय सयाजी (SHS), जीत का अंतर 5.4%