नांदगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
आहेर अनिलकुमार गंगाधर (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर नांदगांव सीट जीती और अशोक यादवराव रसाल (SHS) को 15,534 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 बागलाण थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 72 बल्लारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आहेर अनिलकुमार गंगाधर 15.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आहेर अनिलकुमार गंगाधर | 35,95335.3% | |
| 2 | अशोक यादवराव रसाल | 20,41920.1% | |
| 3 | धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 19,18918.9% |
| 4 | अहिरेराजेंद्र वामन निर्दलीय | निर्दलीय | 16,50416.2% |
| 5 | लालवानी विनोद मोतीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2264.2% |
| 6 | पाटिल दामोदर सखाराम | 3,9123.9% | |
| 7 | पवार गणपत खंडू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1641.1% |
| 8 | सय्यद अजमत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नांदगांव से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट SHS से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 65.7% से घटकर 56.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट SHS ने जीती।
- 1978नाहर कन्हैयालाल चुनीलाल (IND), जीत का अंतर 0.3%
- 1980धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर (INC(I)), जीत का अंतर 16.2%
- 1985गायकवाड माधराव बायाजी (CPI), जीत का अंतर 3.4%
- 1990धात्रक जगन्नाथ मुरलीधर (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 1995देशमुख राजेन्द्र देविदास (SHS), जीत का अंतर 8.6%
- 1999आहेर अनिलकुमार गंगाधर (INC), जीत का अंतर 15.3%
- 2004पवार संजय सयाजी (SHS), जीत का अंतर 5.4%