दिन्डोरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
चारोस्कर किसन गोविन्द (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर दिन्डोरी सीट जीती और गुंबडे सोमनाथ सखाराम (SHS) को 9,288 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 76 तलोदा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 76 वणी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चारोस्कर किसन गोविन्द | 51,97039.2% | |
| 2 | गुंबडे सोमनाथ सखाराम | 42,68232.2% | |
| 3 | महाले हरिभाऊ शंकर जनता दल | जनता दल | 20,78515.7% |
| 4 | सुरदे सहेमराव रघुनाथ वाम दल | वाम दल | 10,7378.1% |
| 5 | पवार यशवंतराव महारू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6832.0% |
| 6 | खेताडे विश्वनाथ बबनराव निर्दलीय | निर्दलीय | 9800.7% |
| 7 | करते दादा आनंदा | 8620.7% | |
| 8 | टोंगारे पोपट रामचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6690.5% |
| 9 | शेलके बाबुराव सोनू निर्दलीय | निर्दलीय | 6270.5% |
| 10 | कोली विश्वनाथ त्र्यंबक | 5890.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दिन्डोरी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 39.2% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.5% से बढ़कर 71.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978गायकवाड भगवंत धर्माजी (INC(I)), जीत का अंतर 20.0%
- 1980महाले हरि शंकर (JNP(JP)), जीत का अंतर 26.4%
- 1985हरिशंकर महाले (JNP), जीत का अंतर 19.0%
- 1990गायकवाड भगवंतराव धर्माजी (INC), जीत का अंतर 23.8%
- 1995चारोस्कर किसन गोविन्द (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1999चारोस्कर रामदास किसन (NCP), जीत का अंतर 10.9%
- 2004झिरवाल नरहरी सीताराम (NCP), जीत का अंतर 20.8%