महाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
मोरे प्रभाकर सुंदरराव (SHS) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर महाड सीट जीती और माणिक जगताप (NCP) को 3,247 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 खेड बंदर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 12 भूसावल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोरे प्रभाकर सुंदरराव 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोरे प्रभाकर सुंदरराव शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 46,21249.2% |
| 2 | माणिक जगताप | 42,96545.8% | |
| 3 | जाधव सुरेश धोंडीराम | 4,1424.4% | |
| 4 | घोले आदिल गयासुद्दीन SJP(M) | SJP(M) | 3980.4% |
| 5 | लली सुभाष परशुराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS और NCP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाड से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.2% से बढ़कर 49.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 1995 के 77.9% से घटकर 66.1% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978पुरोहित नाना उर्फ़ दिगंबर विनायक (JNP), जीत का अंतर 24.7%
- 1980चंद्रकांत खंडेराव देशमुख (INC(I)), जीत का अंतर 15.4%
- 1985शांताराम फिलसे (JNP), जीत का अंतर 0.9%
- 1990प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 3.6%
- 1995प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 20.4%
- 1999मोरे प्रभाकर सुंदरराव (SHS), जीत का अंतर 3.5%
- 2004जगताप माणिक मोतीराम (NCP), जीत का अंतर 3.2%