वेंगुर्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
पुष्पसेन सावंत (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर वेंगुर्ला सीट जीती और शरद पालव (INC) को 3,428 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 2 का नाम वेंगुर्ला था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 2 शहादा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुष्पसेन सावंत जनता | जनता | 24,76640.3% |
| 2 | शरद पालव | 21,33834.8% | |
| 3 | एस. एन. देसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 8,73614.2% |
| 4 | जगन्नाथ रामचंद्र घटवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6824.4% |
| 5 | वसंतराव खोत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7862.9% |
| 6 | सी. एस. गांवकर निर्दलीय | निर्दलीय | 8581.4% |
| 7 | नारायण वासुदेव पित्रे निर्दलीय | निर्दलीय | 6701.1% |
| 8 | दत्तात्रय नारायण कामत निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.5% |
| 9 | विलास शांताराम तारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वेंगुर्ला से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1978 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.5% से बढ़कर 58.7% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1978किनालकर पुंडलिक आत्माराम (JNP), जीत का अंतर 45.9%
- 1980एस. एन. देसाई (INC(I)), जीत का अंतर 1.7%
- 1985पुष्पसेन सावंत (JNP), जीत का अंतर 5.6%
- 1990पुष्पसेन सावंत (JD), जीत का अंतर 29.1%
- 1995कंबली शंकर शिवराम (SHS), जीत का अंतर 16.4%
- 1999कांबली शंकर शिवराम (SHS), जीत का अंतर 15.8%
- 2004शंकर शिवराम कांबली (SHS), जीत का अंतर 20.2%