खेतवाडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शर्मा प्रेम कुमार शंकरदत्त (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर खेतवाडी सीट जीती और कुरैशी एम. इस्माईल (INC) को 87 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 22 धोबीतलाव थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 22 बुलढाणा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
खेतवाडी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 87 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शर्मा प्रेम कुमार शंकरदत्त | 19,35442.0% | |
| 2 | कुरैशी एम. इस्माईल | 19,26741.8% | |
| 3 | असद खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार निर्दलीय | निर्दलीय | 6,96215.1% |
| 4 | दिलीप अमूलख डगली निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.4% |
| 5 | मोतीवाला हाशम अय्युब निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.4% |
| 6 | कालीदीन उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 930.2% |
| 7 | अंसारी युनुस रहेमान निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खेतवाडी से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.0% से घटकर 42.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 32.7% से बढ़कर 43.0% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978खान खलीक अहमद (JNP), जीत का अंतर 39.0%
- 1980शर्मा प्रेमकुमार शंकरदत्त (BJP), जीत का अंतर 0.4%
- 1985शर्मा प्रेम कुमार शंकरदत्त (BJP), जीत का अंतर 0.2%
- 1990शर्मा प्रेमकुमार शंकर दत्त (BJP), जीत का अंतर 12.2%
- 1995रायचुरा मोहन डी. (BJP), जीत का अंतर 19.8%
- 1999अतुल शाह (BJP), जीत का अंतर 8.7%
- 2004अशोक अर्जुनराव उर्फ़ भाई जगताप (INC), जीत का अंतर 8.3%