उमरेडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
दामु सदाशिव तारणेकर (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 32.7% वोट पाकर उमरेड सीट जीती और राजाराम लक्ष्मण महाले (निर्दलीय) को 6,030 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 191 उदगीर है।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामु सदाशिव तारणेकर | 13,42832.7% | |
| 2 | राजाराम लक्ष्मण महाले निर्दलीय | निर्दलीय | 7,39818.0% |
| 3 | लीलाधरसिंह दुर्गसिंह सूर्यवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,17117.5% |
| 4 | शामराव नाथूजी काकिरवार | 5,67213.8% | |
| 5 | गोवर्धनसिंह श्योलालसिंह भदौरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6678.9% |
| 6 | महादेव खंडूजी लोखरे | 2,2585.5% | |
| 7 | रदास चैतुजी दुधपचारे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4383.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।