आकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
गोपालराव बाजीराव खेडकर (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 45.8% वोट पाकर आकोट सीट जीती और देविदास मोरिटी कोरले (PWP) को 12,636 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 174 जालना उत्तर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोपालराव बाजीराव खेडकर 21.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपालराव बाजीराव खेडकर | 26,60345.8% | |
| 2 | देविदास मोरिटी कोरले | 13,96724.0% | |
| 3 | संपतराव भौजी भोपले निर्दलीय | निर्दलीय | 12,63221.7% |
| 4 | अनंत महादेव असरकर | 4,3827.5% | |
| 5 | ए. जब्बार सेख रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.5% |
| 6 | तुकाराम पंढरी तायडे निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।