शहादाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
डॉ. देशमुख हेमन्त भास्कर (NCP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर शहादा सीट जीती और अण्णासाहेब पी.के. पाटिल (INC) को 4,020 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 85 चोपडा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 85 भोकर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. देशमुख हेमन्त भास्कर 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. देशमुख हेमन्त भास्कर | 46,32342.6% | |
| 2 | अण्णासाहेब पी.के. पाटिल | 42,30338.9% | |
| 3 | राजपूत संग्रामसिहा हसरसिहा NDA | NDA | 15,56914.3% |
| 4 | पाटिल ईश्वर मदन | 2,3062.1% | |
| 5 | कोली प्रकाश विश्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1811.1% |
| 6 | वाघ पंडित रघुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.5% |
| 7 | अब्दुल रहीम अब्दुल करीम निर्दलीय | निर्दलीय | 3810.3% |
| 8 | पाटिल पंडित शेनपाडू निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCP, INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शहादा से कौन जीता, 1978–2004
NCP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह NCP की पहली जीत थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 73.9% से घटकर 59.5% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978रावल जयदेवसिंह जयसिंह (INC), जीत का अंतर 3.1%
- 1980अण्णासाहेब पी. के. पाटिल (JNP(JP)), जीत का अंतर 8.1%
- 1985अण्णासाहेब पी. के. पाटिल (JNP), जीत का अंतर 12.5%
- 1990देशमुख हेमन्त भास्कर (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1995अण्णासाहेब पी.के. पाटिल (INC), जीत का अंतर 15.6%
- 1999डॉ. देशमुख हेमन्त भास्कर (NCP), जीत का अंतर 3.7%
- 2004रावल जयकुमार जीतेन्द्रसिंह (BJP), जीत का अंतर 8.1%