नेहरूनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
नवाब मलिक (SP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर नेहरूनगर सीट जीती और मनोहर सालवी (SHS) को 18,458 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 48 मुलुन्ड थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 48 काटोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नवाब मलिक 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नवाब मलिक | 48,15545.9% | |
| 2 | मनोहर सालवी | 29,69728.3% | |
| 3 | सिंह राजहंस धनंजय | 21,60120.6% | |
| 4 | एजाज शेख | 1,9001.8% | |
| 5 | चतुरसेन टिपना दवारे ABHS | ABHS | 8810.8% |
| 6 | पठारे साहेबराव मारुती निर्दलीय | निर्दलीय | 7580.7% |
| 7 | संपत लक्ष्मण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7270.7% |
| 8 | बादशाह शाह अकबर इसरारुल केबलवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.4% |
| 9 | प्रिंसिपल अब्दुल बारी शेख NMP | NMP | 3660.3% |
| 10 | कुरैशी असगर अली NLP | NLP | 3490.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, SHS और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नेहरूनगर से कौन जीता, 1978–2004
SP ने यह सीट SHS से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 56.9% से घटकर 47.6% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978लियाकत हुसैन इबारत हुसैन (JNP), जीत का अंतर 21.1%
- 1980बाबासाहेब अनंतराव भोसले (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985काका थोरात (INC), जीत का अंतर 16.6%
- 1990महाडिक सूर्यकांत वेंकटराव (SHS), जीत का अंतर 7.1%
- 1995सूर्यकांत महाडिक (SHS), जीत का अंतर 11.5%
- 1999नवाब मलिक (SP), जीत का अंतर 17.6%
- 2004नवाब मलिक (NCP), जीत का अंतर 25.8%