चिंचपोकलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
अण्णा उर्फ़ मधु चव्हाण (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर चिंचपोकली सीट जीती और खान फैयाज अहमद रफीक अहमद (JD(S)) को 3,318 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 उमरखाडी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 25 मेहकर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अण्णा उर्फ़ मधु चव्हाण | 21,14635.3% | |
| 2 | खान फैयाज अहमद रफीक अहमद | 17,82829.8% | |
| 3 | मधु चव्हाण NDA | NDA | 9,75516.3% |
| 4 | कुलदीप पेड़णेकर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,64711.1% |
| 5 | अंसारी मक़सूद | 1,5142.5% | |
| 6 | एड. बागवे महेन्द्र पांडुरंग ABHS | ABHS | 1,1742.0% |
| 7 | अब्दुल कय्युम सुल्तान मोमिन निर्दलीय | निर्दलीय | 7361.2% |
| 8 | हबीब खान | 5931.0% | |
| 9 | एड. अमीन सोलकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिंचपोकली से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 54.9% से घटकर 44.3% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट ABHS ने जीती।
- 1978कविस्कर सुहास तुलाजी (IND), जीत का अंतर 25.8%
- 1980शेख एस. ए. (INC(I)), जीत का अंतर 24.0%
- 1985अण्णासाहेब उर्फ़ बी. डी. जुटे (INC), जीत का अंतर 18.8%
- 1990अण्णासाहेब उर्फ़ बी. डी. जुटे (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1995फैयाज अहमद (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1999अण्णा उर्फ़ मधु चव्हाण (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 2004अरुण गुलाब गवली उर्फ़ डैडी (ABHS), जीत का अंतर 18.9%