बागलाणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
अहिरे शंकर दौलत (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 32.5% वोट पाकर बागलाण सीट जीती और सोनवणे अभिमान फुला (INC) को 8,510 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 79 सिंदखेडा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 79 दिग्रस है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अहिरे शंकर दौलत शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 27,90232.5% |
| 2 | सोनवणे अभिमान फुला | 19,39222.6% | |
| 3 | बोरसे दिलीप मंगलू STBP | STBP | 16,57319.3% |
| 4 | चव्हाण संजय कांतीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 16,49819.2% |
| 5 | पवार मुरलीधर पिराजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2556.1% |
| 6 | बरडे मच्छिंद्रनाथ सूर्यभान निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.3% |
| 7 | मोरे विक्रम बारकू निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बागलाण से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 66.9% से घटकर 43.7% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978पवार लक्ष्मण तोतराम (INC(I)), जीत का अंतर 25.1%
- 1980पवार लक्ष्मण तोताराम (INC(I)), जीत का अंतर 0.7%
- 1985गांगुर्डे रुंजा पुंजाराम (ICS), जीत का अंतर 17.4%
- 1990अहिरे लहानू बाला (INC), जीत का अंतर 10.6%
- 1995बोरसे दिलीप मंगलू (IND), जीत का अंतर 35.4%
- 1999अहिरे शंकर दौलत (BJP), जीत का अंतर 9.9%
- 2004चव्हाण संजय कांतीलाल (IND), जीत का अंतर 1.4%