चांदूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
अडसड अरुणभाऊ जनार्धन (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर चांदूर सीट जीती और वीरेन्द्र वाल्मीकराव जगताप (INC) को 1,773 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 126 नागपुर पश्चिम थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 126 देवलाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चांदूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,773 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अडसड अरुणभाऊ जनार्धन शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 32,25233.9% |
| 2 | वीरेन्द्र वाल्मीकराव जगताप | 30,47932.1% | |
| 3 | डॉ. पांडुरंग ढोले | 25,49226.8% | |
| 4 | ढोले पांडुरंग रामकृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6325.9% |
| 5 | तुपसुंदरे श्रीराम मारोतराव निर्दलीय | निर्दलीय | 7980.8% |
| 6 | मुरलीधर राजारामजी नारे निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.3% |
| 7 | बनसोड प्रदीप नीलकंठराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चांदूर से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 76.6% से घटकर 62.9% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978सवालखे सुधाकर रामचंद्र (INC(I)), जीत का अंतर 53.9%
- 1980शेरेकर यशवंतराव गंगारामजी (INC(I)), जीत का अंतर 36.9%
- 1985शेरेकर यशवंत गंगाराम (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 1990अडसड अरुणभाऊ जनार्दन (BJP), जीत का अंतर 13.9%
- 1995ढोले पांडुरंग विठुसा (JD), जीत का अंतर 4.1%
- 1999अडसड अरुणभाऊ जनार्धन (BJP), जीत का अंतर 1.9%
- 2004जगताप वीरेन्द्र वाल्मीक (INC), जीत का अंतर 11.6%