चंद्रपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर चंद्रपुर सीट जीती और बांगडे विनायक बाबुराव (INC) को 30,579 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 155 पुसद थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 155 मुलुन्ड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद 18.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 84,68851.5% |
| 2 | बांगडे विनायक बाबुराव | 54,10932.9% | |
| 3 | जायसवाल दीपक शंकरलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 22,25113.5% |
| 4 | एड. मोगरे विजय गणपतराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8361.1% |
| 5 | एड. आमटे कृष्ण गोविंदराव निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.4% |
| 6 | कुमरे उद्धवराव राघो | 6070.4% | |
| 7 | बालकी श्रीधर सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चंद्रपुर से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.7% से बढ़कर 51.5% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 72.3% से घटकर 57.9% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978पुगलिया नरेशकुमार चुन्नालाल (INC(I)), जीत का अंतर 16.4%
- 1980पुगलिया नरेश चुन्नालाल (INC(I)), जीत का अंतर 19.0%
- 1985वानखेडे श्याम गोपालराव (INC), जीत का अंतर 23.6%
- 1990वानखेडे श्याम गोपालराव (INC), जीत का अंतर 24.6%
- 1995मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद (BJP), जीत का अंतर 28.1%
- 1999मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद (BJP), जीत का अंतर 18.6%
- 2004मुनगंटीवार सुधीर सच्चिदानंद (BJP), जीत का अंतर 14.3%