परभणीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
रेंगे तुकाराम गणपतराव (SHS) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर परभणी सीट जीती और अंसारी एम. लियाकत अली ए. कदीर (INC) को 7,279 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 178 वैजापुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 178 धारावी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रेंगे तुकाराम गणपतराव शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 58,25742.1% |
| 2 | अंसारी एम. लियाकत अली ए. कदीर | 50,97836.9% | |
| 3 | गवाने विजय अण्णासाहेब | 26,10618.9% | |
| 4 | खंडारे देवराव गणपतराव | 1,8021.3% | |
| 5 | कुलदीपके गमराव धनाजी HJP | HJP | 3770.3% |
| 6 | देवीचंद दिगंबरराव अंबुरे निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.2% |
| 7 | सलीमोद्दीन वलीउद्दीन इनामदार SWJP | SWJP | 2670.2% |
| 8 | ज्ञानोबा नारायणराव दाभाडे निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, INC और NCP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परभणी से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.6% से बढ़कर 42.1% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 65.2% से घटकर 55.6% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978जामकर रावसाहेब बापुसाहेब (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 1980अब्दुल रहमान खान यूसुफ खान (INC(I)), जीत का अंतर 16.5%
- 1985गवाने विजय अण्णासाहेब (PWP), जीत का अंतर 5.7%
- 1990बोबडे हनुमंतराव दौलतराव (SHS), जीत का अंतर 9.8%
- 1995रेंगे तुकाराम गणपतराव (SHS), जीत का अंतर 12.7%
- 1999रेंगे तुकाराम गणपतराव (SHS), जीत का अंतर 5.3%
- 2004बंडू (संजय) हरिभाऊ जाधव (SHS), जीत का अंतर 6.1%