तिवसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
साहेबराव रामचंद्र टट्टे (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर तिवसा सीट जीती और चंद्रकांत उर्फ़ भैयासाहेब रामचंद्र (INC) को 1,125 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 122 कामठी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 122 दिन्डोरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तिवसा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,125 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साहेबराव रामचंद्र टट्टे शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 35,28238.2% |
| 2 | चंद्रकांत उर्फ़ भैयासाहेब रामचंद्र | 34,15737.0% | |
| 3 | तसरे शरद मोतीराम | 16,66118.1% | |
| 4 | अशोक शियोदत्ता सोनारकर | 3,8164.1% | |
| 5 | विजया सिंह भबूत सिंह ठाकुर | 1,3931.5% | |
| 6 | गोहत्रे तुलशीदास व्यंकटराव निर्दलीय | निर्दलीय | 8080.9% |
| 7 | इवानाते साहेबराव चंपतराव ABHS | ABHS | 1630.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिवसा से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 74.3% से घटकर 61.9% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978ठाकुर चंद्रकांत रामचंद्र (IND), जीत का अंतर 38.2%
- 1980ठाकुर चंद्रकांत रामचंद्र (INC(I)), जीत का अंतर 16.3%
- 1985तसरे शरद मोतीराम (ICS), जीत का अंतर 8.6%
- 1990मंगले नट्टू देवाजी (CPI), जीत का अंतर 1.6%
- 1995तसरे शरद मोतीराम (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1999साहेबराव रामचंद्र टट्टे (BJP), जीत का अंतर 1.2%
- 2004टट्टे साहेबराव रामचंद्र (BJP), जीत का अंतर 6.1%