एरन्दोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
पाटिल गुलाब रघुनाथ (SHS) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 42.7% वोट पाकर एरन्दोल सीट जीती और पाटिल महेन्द्रसिंह धरमसिंह (JD(S)) को 4,090 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 94 मलकापुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 94 हिंगोली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पाटिल गुलाब रघुनाथ 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पाटिल गुलाब रघुनाथ शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 44,71142.7% |
| 2 | पाटिल महेन्द्रसिंह धरमसिंह | 40,62138.8% | |
| 3 | देशमुख सुभाष भिका निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0147.7% |
| 4 | जाधव ज्ञानेश्वर भादू निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5626.3% |
| 5 | अफजल खान शोभा खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1363.0% |
| 6 | परवेजली सय्यद तफ़ज़ुअली सय्यद निर्दलीय | निर्दलीय | 7570.7% |
| 7 | महानुभाव प्रेमराज गंगाधर निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.6% |
| 8 | पाटिल पुंडलीक किसन निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, JD(S) और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
एरन्दोल से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; SHS ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 74.6% से घटकर 60.3% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978पाटिल महेन्द्रसिंह धर्मसिंह (JNP), जीत का अंतर 8.6%
- 1980वाघ पौबाई चन्द्रभान (INC(I)), जीत का अंतर 11.9%
- 1985वाघ पारुभाई चन्द्रभान (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1990हरि आत्माराम महाजन (SHS), जीत का अंतर 4.7%
- 1995पाटिल महेन्द्रसिंह धरमसिंह (JD), जीत का अंतर 15.1%
- 1999पाटिल गुलाब रघुनाथ (SHS), जीत का अंतर 3.9%
- 2004पाटिल गुलाबराव रघुनाथ (SHS), जीत का अंतर 8.0%