यावलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
हरिभाऊ माधव जावले (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर यावल सीट जीती और चौधरी रमेश विठ्ठल (INC) को 412 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 99 खामगांव थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 99 परतुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
यावल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 412 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिभाऊ माधव जावले शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 38,22740.1% |
| 2 | चौधरी रमेश विठ्ठल | 37,81539.7% | |
| 3 | चौधरी उल्हास निंबा | 13,01113.7% | |
| 4 | सालुंके सुभाष गेंदू निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7936.1% |
| 5 | मोरे विजय पंडित निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और NCP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यावल से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 73.2% से घटकर 64.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978चौधरी सिंधु पार्थ (JNP), जीत का अंतर 6.7%
- 1980महाजन जीवाराम तुकाराम (INC(U)), जीत का अंतर 10.8%
- 1985महाजन जीवाराम टीकाराम (INC), जीत का अंतर 22.6%
- 1990रमेश विठ्ठल (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 1995चौधरी रमेश विठ्ठल (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 1999हरिभाऊ माधव जावले (BJP), जीत का अंतर 0.4%
- 2004चौधरी रमेश विठ्ठल (INC), जीत का अंतर 4.0%