रामटेकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
जायसवाल आशीष नन्दकिशोर (वकील) (SHS) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर रामटेक सीट जीती और देशमुख आनंदरावजी रामजी (INC) को 7,315 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 141 गडचिरोली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 141 उल्हासनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जायसवाल आशीष नन्दकिशोर (वकील) शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 42,35038.7% |
| 2 | देशमुख आनंदरावजी रामजी | 35,03532.0% | |
| 3 | सदानंद चंद्रभानजी निमकर | 13,38112.2% | |
| 4 | टेकाम वासुदेव झितुजी | 8,3407.6% | |
| 5 | तिडके बाबुराव माधवराव निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2535.7% |
| 6 | खोब्रागडे सुंदरलाल सीताराम | 2,5052.3% | |
| 7 | मडावी बालकृष्ण मिरगुजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0661.0% |
| 8 | आनंदप्रकाश रमाशंकर गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 9 | इनवाते रामेश्वर मंगल निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामटेक से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 75.4% से घटकर 58.8% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978महाजन गुंडेराव फकीराजी (INC(I)), जीत का अंतर 7.1%
- 1980किम्मतकर मधुकर घनश्यामराव (INC(I)), जीत का अंतर 8.0%
- 1985हजारे पांडुरंग जयरामजी (JNP), जीत का अंतर 6.2%
- 1990पांडुरंग जयरामजी हजारे (JD), जीत का अंतर 8.2%
- 1995गुजर अशोककुमार यशवंत (IND), जीत का अंतर 8.7%
- 1999जायसवाल आशीष नन्दकिशोर (वकील) (SHS), जीत का अंतर 6.7%
- 2004आशीष नन्दकिशोर जायसवाल (वकील) (SHS), जीत का अंतर 9.2%