आंध्र प्रदेश 1989 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 181 सीटें (61.6%)TDP: 74 सीटें (25.2%)IND: 15 सीटें (5.1%)CPI: 8 सीटें (2.7%)CPM: 6 सीटें (2.0%)BJP: 5 सीटें (1.7%)MIM: 4 सीटें (1.4%)JD: 1 सीट (0.3%)बहुमत के लिए 148294सरकार बनाने के लिए 148
  • INC18161.6%
  • TDP7425.2%
  • निर्दलीय155.1%
  • CPI82.7%
  • CPM62.0%
  • BJP51.7%
  • MIM41.4%
  • JD10.3%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस की सत्ता में वापसी

क्या हुआ

राज्य विधान सभा में सत्ता बदली, क्योंकि मतदाताओं ने मौजूदा सरकार को हटा दिया।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 294 सीटों में से 181 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी तेलुगु देशम 74 सीटों पर सिमट गई; यह वही पार्टी थी जिसकी जगह उसने अभी-अभी सरकार बनाई थी।

इससे उसे सरकार बनाने के लिए ज़रूरी सीटों से 33 सीटें ज़्यादा मिलीं।

क्या बदला

राज्य में सरकार चला रही पार्टी का समर्थन ढह गया, और उसकी पुरानी प्रतिद्वंद्वी पार्टी सत्ता में लौट आई।

अकेले तेदेपा से कांग्रेस के पास 123 सीटें गईं, जो उस साल किन्हीं भी दो दलों के बीच सबसे बड़ा बदलाव था।

एक ही चुनाव में उसकी सीटें 50 से 181 हो गईं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला कूचिनपूडी, आंध्र प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 56 वोट रहा।

दूसरी ओर, उस साल का सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला चारमीनार, आंध्र प्रदेश में हुआ, जहाँ जीत 59.5% वोटों के अंतर से हुई।

सबसे कम पाडेरु, आंध्र प्रदेश में रहा, सिर्फ़ 36.7%।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता खैरताबाद, आंध्र प्रदेश में थे, मतदाता सूची में 2,93,928 लोग थे।

पृष्ठभूमि

अपनी स्थापना के बाद यह पहली बार था जब यह पार्टी कोई चुनाव हारी।

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RBI 2024-25

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