शादनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
शंकर राव पी. (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर शादनगर सीट जीती और इंदिरा (TDP) को 8,700 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 191 जडचर्ला थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 191 गुडिवाडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शंकर राव पी. | 48,31453.2% | |
| 2 | इंदिरा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 39,61443.6% |
| 3 | देवदानम निर्दलीय | निर्दलीय | 7980.9% |
| 4 | रामा स्वामी वी.वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 6950.8% |
| 5 | किष्टय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 6170.7% |
| 6 | बालय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 6110.7% |
| 7 | सायन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शादनगर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 63.7% से बढ़कर 66.8% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।