चोप्पदंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
न्यालकोंडा राम किशन राव (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 52.6% वोट पाकर चोप्पदंडी सीट जीती और सत्यनारायण कोडूरी (INC) को 7,862 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 255 नेरेल्ला थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 255 नंदिकोटकूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | न्यालकोंडा राम किशन राव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 47,78352.6% |
| 2 | सत्यनारायण कोडूरी | 39,92143.9% | |
| 3 | कोमुरवेल्ली विजेंदर निर्दलीय | निर्दलीय | 9211.0% |
| 4 | गज्जला स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 8861.0% |
| 5 | राजेश्वर रेड्डी गुर्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 8741.0% |
| 6 | अंजय्या गुडीपाका JNP(JP) | JNP(JP) | 3370.4% |
| 7 | सागी राजा गोपाल राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चोप्पदंडी से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 78.5% से घटकर 52.6% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 56.5% से बढ़कर 60.9% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978नायलाओ कोण्डा श्रीपति राव (INC(I)), जीत का अंतर 9.7%
- 1983गुर्रम माधव रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 28.9%
- 1985न्यालकोंडा रामकिशन राव (TDP), जीत का अंतर 59.0%
- 1989न्यालकोंडा राम किशन राव (TDP), जीत का अंतर 8.7%
- 1994रामकिशन राव न्यालकोंडा (TDP), जीत का अंतर 24.2%
- 1999कोडूरी सत्यनारायण गौड़ (INC), जीत का अंतर 1.7%
- 2004आना मारुति (TDP), जीत का अंतर 3.4%