ताडिकोंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
वेंकैया तिरुवैपति (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 50.4% वोट पाकर ताडिकोंडा सीट जीती और रत्ना पुष्पराजु जे. (TDP) को 2,218 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 103 का नाम ताडिकोंडा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 103 नरसमपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वेंकैया तिरुवैपति 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वेंकैया तिरुवैपति | 49,77950.4% | |
| 2 | रत्ना पुष्पराजु जे. राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 47,56148.2% |
| 3 | बेज्जम राजेन्द्र राव | 7760.8% | |
| 4 | प्रेमनाथ तेनाली निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 5 | रेमल्ले चिट्टी बाबू RPK | RPK | 1610.2% |
| 6 | उंडवल्ली सुब्बा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 7 | आनंदा राव घंटा निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ताडिकोंडा से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 66.8% से बढ़कर 67.3% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1978अमृता राव टी. (INC(I)), जीत का अंतर 8.9%
- 1983जे. आर. पुष्पा राजू (TDP), जीत का अंतर 37.3%
- 1985रत्ना पुष्पराजु जुव्विगुंटला (TDP), जीत का अंतर 3.3%
- 1989वेंकैया तिरुवैपति (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1994जी.एम.एन.वी. प्रसाद (CPI), जीत का अंतर 15.0%
- 1999जे.आर. पुष्पा राजू (TDP), जीत का अंतर 4.9%
- 2004ओक्का माणिक्य वरप्रसाद राव (INC), जीत का अंतर 14.2%