वरंगलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
पुरुषोत्तम राव थक्कल्लपल्ली (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 37.7% वोट पाकर वरंगल सीट जीती और सारय्या बसवराजु (निर्दलीय) को 8,379 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 269 बूर्गमपहाड़ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 269 गुंतकल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुरुषोत्तम राव थक्कल्लपल्ली | 33,04137.7% | |
| 2 | सारय्या बसवराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 24,66228.1% |
| 3 | भंडारु नागभूषण राव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 18,99921.7% |
| 4 | नवाब मजहरुद्दीन अली खान MIM | MIM | 5,1865.9% |
| 5 | चंद्रमौली बेल्लमकोंडा MCPI | MCPI | 3,2783.7% |
| 6 | वन्नाला श्रीरामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3021.5% |
| 7 | प्रभाकर तीगला निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.7% |
| 8 | महबूब अली निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
| 9 | चंद्रमौली नलिगंटी निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 10 | कटकम यादगिरी | 1490.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वरंगल से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.4% से बढ़कर 62.7% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।
- 1978अरेल्ली बुचैया (INC(I)), जीत का अंतर 23.1%
- 1983बंडारु नागभूषण राव (TDP), जीत का अंतर 13.9%
- 1985भंडारु नागभूषण राव (TDP), जीत का अंतर 11.8%
- 1989पुरुषोत्तम राव थक्कल्लपल्ली (INC), जीत का अंतर 9.6%
- 1994रमेशबाबू दोनेपुडी (TDP), जीत का अंतर 16.6%
- 1999बस्वराज सारय्या (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 2004अश्वराजु सारय्या (INC), जीत का अंतर 34.1%