महाराजगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एम. मुकेश (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर महाराजगंज सीट जीती और बंडारु दत्तात्रेय (BJP) को 2,596 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 214 सिकंदराबाद थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 214 गुंटूर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एम. मुकेश 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. मुकेश | 28,89051.4% | |
| 2 | बंडारु दत्तात्रेय | 26,29446.8% | |
| 3 | जी. दिलीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.8% |
| 4 | वेंकट स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.2% |
| 5 | पंडित राजाराम शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.2% |
| 6 | कमल किशोर शर्मा DMM | DMM | 900.2% |
| 7 | दामोदरदास दायमा निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 8 | एस. गोपाल राव निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 9 | बी. यीरय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 10 | जी. नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाराजगंज से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 53.8% से बढ़कर 60.2% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।