महाराजगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जी. नारायण राव (TDP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 53.4% वोट पाकर महाराजगंज सीट जीती और ललिता राव यादव (INC) को 10,432 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 214 सिकंदराबाद थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 214 गुंटूर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जी. नारायण राव 22.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी. नारायण राव Telugu Desam Party | Telugu Desam Party | 24,58453.4% |
| 2 | ललिता राव यादव | 14,15230.8% | |
| 3 | शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2879.3% |
| 4 | दामोधर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6133.5% |
| 5 | के. वी. आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.6% |
| 6 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.6% |
| 7 | चुनी भाई एच. पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.4% |
| 8 | जी. कोंडय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.4% |
| 9 | उस्मान बिन छालेह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.3% |
| 10 | तेन्नेटी जगदीश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.3% |
| 11 | धन्नु लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 810.2% |
| 12 | पन्ना लाल गहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 13 | घनशाम दास सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 14 | आर. चन्द्र कान्त निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
| 15 | सूर्यनारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
| 16 | सरदार जगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाराजगंज से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.7% से बढ़कर 53.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 53.1% से बढ़कर 53.8% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।