सिरसिल्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एन. वी. कृष्णैया (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर सिरसिल्ला सीट जीती और रेगुलपाटी पापा राव (निर्दलीय) को 524 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 259 डोर्नकल थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 259 बनगानपल्ले है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सिरसिल्ला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 524 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. वी. कृष्णैया निर्दलीय | निर्दलीय | 26,43029.8% |
| 2 | रेगुलपाटी पापा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 25,90629.3% |
| 3 | जे. नरसिंघा राव | 21,29124.0% | |
| 4 | च. राजेश्वर राव वाम दल | वाम दल | 10,18811.5% |
| 5 | गंगीपल्ली लच्चय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7893.1% |
| 6 | पी. इंदिरा गांधी LKD(B) | LKD(B) | 6550.7% |
| 7 | नेरेल्ला अंजय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.6% |
| 8 | कन्नम रघु | 4710.5% | |
| 9 | संगुला राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिरसिल्ला से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.8% से घटकर 54.7% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1978चेन्नमनेनी राजेश्वर राव (CPI), जीत का अंतर 13.9%
- 1983वाचिडी मोहन रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 11.2%
- 1985च. राजेश्वर राव (CPI), जीत का अंतर 30.9%
- 1989एन. वी. कृष्णैया (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1994चेन्नमनेनी राजेश्वर राव (CPI), जीत का अंतर 4.0%
- 1999रेगुलपाटी पापा राव (INC), जीत का अंतर 8.2%
- 2004चेन्नमनेनी राजेश्वर राव (TDP), जीत का अंतर 12.9%