पुंगनूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
नूतनकल्वा रामकृष्ण रेड्डी (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 54.0% वोट पाकर पुंगनूर सीट जीती और रेड्डिवारी वेणुगोपाल रेड्डी (INC) को 10,597 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 143 पलमनेर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 143 विशाखापत्तनम पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नूतनकल्वा रामकृष्ण रेड्डी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 56,77954.0% |
| 2 | रेड्डिवारी वेणुगोपाल रेड्डी | 46,18244.0% | |
| 3 | नल्लापरड्डी नागी रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 8580.8% |
| 4 | मधिराजू श्रीनिवास राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.4% |
| 5 | वोंटिमिट्टा सुब्रमण्यम चेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 6 | कोटूरु कृष्ण रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.2% |
| 7 | टी.वी. कृष्णमूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुंगनूर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.2% से घटकर 54.0% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 62.2% से बढ़कर 72.8% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978के.वी. पाथी (INC(I)), जीत का अंतर 19.2%
- 1983बग्गिडी गोपाल (TDP), जीत का अंतर 22.9%
- 1985नूतनकल्वा रामकृष्ण रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 30.1%
- 1989नूतनकल्वा रामकृष्ण रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 10.1%
- 1994एन. रामकृष्ण रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 35.2%
- 1999एन. श्रीधर रेड्डी (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 2004अमरनाथ रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 6.7%