कोथपेटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
चिर्ला सोमसुंदर रेड्डी (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर कोथपेटा सीट जीती और बंडारु सत्यानंद राव (TDP) को 12,355 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 56 का नाम कोथपेटा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 56 तांडूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चिर्ला सोमसुंदर रेड्डी | 53,43156.5% | |
| 2 | बंडारु सत्यानंद राव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 41,07643.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोथपेटा से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 78.2% से घटकर 77.0% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।
- 1978मंथेना वेंकट सूर्य सुब्बाराजू (JNP), जीत का अंतर 4.8%
- 1983चिर्ला सोमसुंदर रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 28.1%
- 1985आई. एस. राजू (TDP), जीत का अंतर 1.8%
- 1989चिर्ला सोमसुंदर रेड्डी (INC), जीत का अंतर 13.1%
- 1994बंडारु सत्यानंदराव (TDP), जीत का अंतर 15.9%
- 1999बंडारु सत्यानंद राव (TDP), जीत का अंतर 15.8%
- 2004हिरला जग्गीरेड्डी (INC), जीत का अंतर 2.1%