चिलकलूरिपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
कंदिमल्ला जयम्मा (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर चिलकलूरिपेट सीट जीती और सोमेपल्ली सांबय्या (INC) को 949 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 110 चिलकलूरिपेट थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 110 पिनपाका है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चिलकलूरिपेट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 949 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कंदिमल्ला जयम्मा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 55,85749.8% |
| 2 | सोमेपल्ली सांबय्या | 54,90849.0% | |
| 3 | कंदिमल्ला नागेश्वर राव निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.4% |
| 4 | पिल्ली मोहन राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.3% |
| 5 | कंचरला अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 6 | इम्मानेनी मल्लिकार्जुन राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 7 | आसा गंगाधर राव निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 8 | स्वामुलु भीमिनेनी निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिलकलूरिपेट से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 71.5% से घटकर 66.9% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978सांबय्या सोमेपल्ली (INC(I)), जीत का अंतर 21.7%
- 1983कृष्ण मूर्ति काज़ा (TDP), जीत का अंतर 27.7%
- 1985सांबय्या सोमेपल्ली (INC), जीत का अंतर 5.0%
- 1989कंदिमल्ला जयम्मा (TDP), जीत का अंतर 0.8%
- 1994सांबय्या सोमेपल्ली (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1999प्रथिपाटि पुल्ला राव (TDP), जीत का अंतर 22.6%
- 2004अर्री राजशेखर (IND), जीत का अंतर 0.2%