आंध्र प्रदेश 1994 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
TDP: 216 सीटें (73.5%)INC: 26 सीटें (8.8%)CPI: 19 सीटें (6.5%)CPM: 15 सीटें (5.1%)IND: 12 सीटें (4.1%)BJP: 3 सीटें (1.0%)MBT: 2 सीटें (0.7%)MIM: 1 सीट (0.3%)बहुमत के लिए 148294सरकार बनाने के लिए 148
  • TDP21673.5%
  • INC268.8%
  • CPI196.5%
  • CPM155.1%
  • निर्दलीय124.1%
  • BJP31.0%
  • MBT20.7%
  • MIM10.3%
चुनाव की कहानी

तेलुगु देशम की सत्ता में वापसी

क्या हुआ

राज्य विधान सभा में सत्ता एक बार फिर बदली, क्योंकि मतदाताओं ने मौजूदा सरकार को हटा दिया।

तेलुगु देशम ने कुल 294 सीटों में से 216 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।

उसकी सबसे नज़दीकी प्रतिद्वंद्वी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, सिर्फ़ 26 सीटों पर सिमट गई — वही पार्टी जिसकी जगह उसने अभी-अभी सरकार में ली थी।

इससे उसे सरकार बनाने के लिए ज़रूरी सीटों से 68 सीटें ज़्यादा मिलीं।

क्या बदला

राज्य में सरकार चला रही पार्टी का समर्थन ढह गया, और उसकी पुरानी प्रतिद्वंद्वी पार्टी सत्ता में लौट आई।

अकेले कांग्रेस से तेदेपा के पास 135 सीटें गईं, जो उस साल किन्हीं भी दो दलों के बीच सबसे बड़ा बदलाव था।

एक ही चुनाव में उसकी सीटें 74 से 216 हो गईं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला मैदुकूर, आंध्र प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 28 वोट रहा।

दूसरी ओर, उस साल का सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला पुलिवेंदुला, आंध्र प्रदेश में हुआ, जहाँ जीत 64.4% वोटों के अंतर से हुई।

सबसे ज़्यादा चिंतलपूडी, आंध्र प्रदेश में रहा, जहाँ 84.4% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

उस साल का सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला बद्वेल, आंध्र प्रदेश में था, जहाँ मतपत्र पर 39 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

इससे राज्य के दो सबसे बड़े दलों के बीच बारी-बारी से सत्ता का सिलसिला जारी रहा, जो इसी पार्टी की पहली जीत से शुरू हुआ था।

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RBI 2024-25

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