अनाकापल्लेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
दाडी वीरभद्रराव (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर अनाकापल्ले सीट जीती और दंतुलूरी दिलीप कुमार (निर्दलीय) को 1,611 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 32 का नाम अनाकापल्ले था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 32 हुस्नाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अनाकापल्ले का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,611 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दाडी वीरभद्रराव | 45,57745.0% | |
| 2 | दंतुलूरी दिलीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 43,96643.4% |
| 3 | वेंकट जग्गाराव पीला | 9,8839.8% | |
| 4 | एलुगुला वेंकटराव | 1,0931.1% | |
| 5 | कर्री वेंकुनायडु | 3020.3% | |
| 6 | गोंथिना सत्यराव JP | JP | 2880.3% |
| 7 | बुद्ध वराह सत्यनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 8 | वलिसेट्टी शंकरराव निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, एक निर्दलीय और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अनाकापल्ले से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.8% से घटकर 45.0% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 73.2% से बढ़कर 74.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कोडुगंटी गोविंदराव (CPI), जीत का अंतर 12.4%
- 1983राजा कन्ना बाबू (TDP), जीत का अंतर 38.0%
- 1985दाडी वीरभद्र राव (TDP), जीत का अंतर 40.7%
- 1989दाडी वीरा भद्र राव (TDP), जीत का अंतर 2.5%
- 1994दाडी वीरभद्रराव (TDP), जीत का अंतर 1.6%
- 1999दाडी वीरभद्र राव (TDP), जीत का अंतर 3.5%
- 2004कोणथला रामकृष्ण (INC), जीत का अंतर 15.3%