तांडूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
पटनं महेन्द्र रेड्डी (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर तांडूर सीट जीती और एम. नारायण राव (INC) को 10,191 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 201 विकाराबाद थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 201 मैलावरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पटनं महेन्द्र रेड्डी | 41,13540.1% | |
| 2 | एम. नारायण राव | 30,94430.2% | |
| 3 | एम. माणिक राव निर्दलीय | निर्दलीय | 22,84322.3% |
| 4 | के. चंद्रप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8992.8% |
| 5 | प्याटा बाल रेड्डी | 2,1262.1% | |
| 6 | एस. बालप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 7380.7% |
| 7 | झंप्या निर्दलीय | निर्दलीय | 6530.6% |
| 8 | बैंडला परशुरामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.4% |
| 9 | पटेल राम रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.4% |
| 10 | वी. अब्राहम रवि कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.2% |
| 11 | श्याम सन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तांडूर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह TDP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 70.7%। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978एम. माणिक राव (INC(I)), जीत का अंतर 29.4%
- 1983एम. माणिक राव (INC), जीत का अंतर 27.9%
- 1985एम. चन्द्र शेखर (INC), जीत का अंतर 19.1%
- 1989एम. चन्द्र शाकेर (INC), जीत का अंतर 11.1%
- 1994पटनं महेन्द्र रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 9.9%
- 1999डॉ. पी. महेन्द्र रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 10.8%
- 2004अलकुड नारायण राव (INC), जीत का अंतर 10.3%