कदिरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
सूर्यनारायण (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 73.6% वोट पाकर कदिरी सीट जीती और मोहम्मद शाकिर (INC) को 55,231 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 161 का नाम कदिरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 161 रामचंद्रपुरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सूर्यनारायण 48.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्यनारायण | 83,32873.6% | |
| 2 | मोहम्मद शाकिर | 28,09724.8% | |
| 3 | गुडिसी देवानंद | 8120.7% | |
| 4 | मोमिनसलीम बाषा | 2550.2% | |
| 5 | के. करुणाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
| 6 | लक्ष्मीनरसु निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 7 | साके वेंगमुनि निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 8 | चिन्नसानी सिद्दारेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 9 | एस. अल्लाबख़्श निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 10 | अमीनुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 11 | महबूब बाषा निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कदिरी से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 54.6% से बढ़कर 67.4% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।