कदिरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
ओन्ना रमैया (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर कदिरी सीट जीती और अंदिकुंटा वेंकट प्रसाद (निर्दलीय) को 8,938 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 161 का नाम कदिरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 161 रामचंद्रपुरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओन्ना रमैया Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | 48,10441.3% |
| 2 | अंदिकुंटा वेंकट प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 39,16633.6% |
| 3 | एस. पार्थ सारथि NDA | NDA | 14,15212.1% |
| 4 | रिफ़ अली एन. | 8,6437.4% | |
| 5 | ओंका गुरप्पा PPOI | PPOI | 2,3082.0% |
| 6 | ओन्ना रामा कृष्णैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4101.2% |
| 7 | अहबूब बाषा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0800.9% |
| 8 | के. रवि कुमार राव निर्दलीय | निर्दलीय | 9070.8% |
| 9 | नागराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 8250.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कदिरी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 58.2% से बढ़कर 65.5% हो गया।