कल्याणदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
बी.सी. गोविंदप्पा (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 72.5% वोट पाकर कल्याणदुर्ग सीट जीती और एम. लक्ष्मीदेवी (INC) को 56,078 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 167 का नाम कल्याणदुर्ग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 167 मंडपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी.सी. गोविंदप्पा 47.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी.सी. गोविंदप्पा | 85,06172.5% | |
| 2 | एम. लक्ष्मीदेवी | 28,98324.7% | |
| 3 | बालाराम | 1,1010.9% | |
| 4 | जेन्ने अंजिनेयुलु | 8360.7% | |
| 5 | चिन्ना दुर्गप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.3% |
| 6 | एम. अदेप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.3% |
| 7 | रमैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.2% |
| 8 | कोल्लप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 9 | रामास्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 10 | बोड्डप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 510.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कल्याणदुर्ग से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 62.6% से बढ़कर 70.6% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।