कल्याणदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
सी. गोविंदप्पा (TDP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 51.8% वोट पाकर कल्याणदुर्ग सीट जीती और उगेपल्ली उमादेवी (INC) को 9,652 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 167 का नाम कल्याणदुर्ग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 167 मंडपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी. गोविंदप्पा NDA | NDA | 76,36351.8% |
| 2 | उगेपल्ली उमादेवी UPA | UPA | 66,71145.3% |
| 3 | कुल्लायप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4671.0% |
| 4 | सुरेश बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3410.9% |
| 5 | वन्नूरप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 7900.5% |
| 6 | गंगराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 6410.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कल्याणदुर्ग से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1994 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.9% से घटकर 51.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1999 के 67.2% से बढ़कर 75.0% हो गया।