निडुमोलुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
पातुरु रमैया (CPM) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 52.1% वोट पाकर निडुमोलु सीट जीती और विनय बाबू मुनिपल्ली (निर्दलीय) को 13,063 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 90 का नाम निडुमोलु था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 90 कोदाड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पातुरु रमैया 15.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पातुरु रमैया वाम दल | वाम दल | 45,05252.1% |
| 2 | विनय बाबू मुनिपल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 31,98937.0% |
| 3 | कोप्पुला पोथु राजू | 6,6817.7% | |
| 4 | वंगा प्रकाश राव | 1,0891.3% | |
| 5 | पगोलू सोमैया | 1,0081.2% | |
| 6 | मुनिपल्ली बुज्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 7 | चिरिवेल्ला राघवराव RP | RP | 2060.2% |
| 8 | वेलगपल्ली सुब्बा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निडुमोलु से कौन जीता, 1978–2004
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.9% से बढ़कर 52.1% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 65.5% से बढ़कर 71.1% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।
- 1978गुटुरु बापनय्या (CPM), जीत का अंतर 26.5%
- 1983गोवाडा मल्लिकार्जुन राव (TDP), जीत का अंतर 10.1%
- 1985रातुरु रामय्या (CPM), जीत का अंतर 9.8%
- 1989रमैया पटुनु (CPM), जीत का अंतर 2.5%
- 1994पातुरु रमैया (CPM), जीत का अंतर 15.1%
- 1999गोवाडा मारिया कुमारी (TDP), जीत का अंतर 20.7%
- 2004अमय्या पातुरु (CPM), जीत का अंतर 3.5%