आंध्र राज्य का पहला चुनाव
क्या हुआ
नए बने आंध्र राज्य के सबसे पहले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत हासिल की।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 196 सीटों में से 119 सीटें हासिल कीं।
उसे 39.4% वोट मिले।
उसके बाद निर्दलीय के उम्मीदवार रहे, जिन्होंने मिलकर 22 सीटें जीतीं।
क्या बदला
यह आंध्र राज्य के अपने निर्वाचन क्षेत्रों के नक़्शे पर हुआ सबसे पहला चुनाव भी था।
उस साल के कुछ निर्वाचन क्षेत्र बहु-सदस्यीय थे, जहाँ एक ही मुक़ाबले से विधान सभा में प्रतिनिधित्व के लिए एक से ज़्यादा विधायक चुने जाते थे।
167 निर्वाचन क्षेत्रों में से 29 इसी तरह काम करते थे।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला आदोनी, आंध्र प्रदेश में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 34 वोटों से हुआ।
दूसरी ओर, इस मुक़ाबले का सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) विज़ियानगरम, आंध्र प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता 75.9% वोटों से आगे रहा।
नए राज्य में लगभग 61.1% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
उपलब्ध रिकॉर्ड में 1 निर्वाचन क्षेत्र का (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) मौजूद नहीं है, इसलिए वह राज्य भर के आँकड़े में शामिल नहीं है।
इस चुनाव में सबसे अच्छा मतदान प्रतिशत गन्नवरम, आंध्र प्रदेश में रहा, 82.2%।
पृष्ठभूमि
जब यह मतदान हुआ, तब आंध्र राज्य कुछ ही समय पहले मद्रास राज्य से अलग करके बनाया गया था।
इस राज्य की विधान सभा ज़्यादा समय अलग नहीं रही: लगभग एक साल के भीतर इसे एक बड़े राज्य में मिला दिया गया, और इसके निर्वाचित सदस्य वहाँ भी अपनी सीटों पर बने रहे।