आंध्र प्रदेश 1967 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 165 सीटें (57.5%)IND: 68 सीटें (23.7%)SWA: 29 सीटें (10.1%)CPI: 11 सीटें (3.8%)CPM: 9 सीटें (3.1%)BJS: 3 सीटें (1.0%)RPI: 1 सीट (0.3%)SSP: 1 सीट (0.3%)बहुमत के लिए 144287सरकार बनाने के लिए 144
चुनाव की कहानी

नई सीमाओं वाली विधान सभा, परिणाम वही

क्या हुआ

नए सिरे से तय की गई निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं पर कांग्रेस एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में बनी रही।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 287 सीटों में से 165 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 21 सीटें ज़्यादा था।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय 68 सीटों के साथ उसके बाद रही।

क्या बदला

यह निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से बने नक़्शे पर हुआ पहला चुनाव था।

कुछ ही समय पहले के ज़रिए सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गई थीं।

निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 300 से बदलकर 287 हो गई।

इस चुनाव को मिलाकर कांग्रेस यहाँ लगातार 4 चुनाव जीत चुकी थी।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला माचर्ला, आंध्र प्रदेश में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 80 वोटों से हुआ।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा आलमपुर, आंध्र प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता 76.5% वोटों से आगे रहा।

राज्य भर में 63.8% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला — उस समय तक राज्य का सबसे अच्छा ।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से उंगुटूरु, आंध्र प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 7,17,670 नाम थे।

पृष्ठभूमि

नए दल भी यहाँ पहली बार विधान सभा में पहुँचे।

माकपा और अखिल भारतीय जनसंघ — दोनों ने इस साल पहली बार सीटें जीतीं।

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RBI 2024-25

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