पेनुगोंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
जे. लक्ष्मय्या (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर पेनुगोंडा सीट जीती और वी. सत्यनारायण (CPI) को 6,975 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 64 पालकोल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 64 का नाम अब भी पेनुगोंडा है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जे. लक्ष्मय्या | 30,75953.6% | |
| 2 | वी. सत्यनारायण वाम दल | वाम दल | 23,78441.5% |
| 3 | पी.एन. मूर्ति वाम दल | वाम दल | 1,7023.0% |
| 4 | टी.के.ए. तिलक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1272.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPI को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेनुगोंडा से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1967जे. लक्ष्मय्या (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1972वंका सत्यनारायण (CPI), जीत का अंतर 10.2%