सत्यवेडुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
के. मुनस्वामी (SWA) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर सत्यवेडु सीट जीती और टी. बालकृष्णय्या (INC) को 9,257 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 133 वेंकटगिरि थी। 1972 के चुनाव के लिए कुछ सीटों के नंबर बदले गए। 1972 से सीट नंबर 133 सूल्लूरपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के. मुनस्वामी 21.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. मुनस्वामी स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 20,73748.5% |
| 2 | टी. बालकृष्णय्या | 11,48026.9% | |
| 3 | एम. सुंदरय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 8,99421.1% |
| 4 | वी. नरसिम्हुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0182.4% |
| 5 | ए. गूना निर्दलीय | निर्दलीय | 5041.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SWA, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।