जग्गय्यपेटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर. बी. आर. एस. श्रेष्ठी (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 49.4% वोट पाकर जग्गय्यपेटा सीट जीती और टी. आर. मूर्ति (निर्दलीय) को 13,074 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 75 देंदुलूरु थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 75 का नाम अब भी जग्गय्यपेटा है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आर. बी. आर. एस. श्रेष्ठी 23.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. बी. आर. एस. श्रेष्ठी | 27,08249.4% | |
| 2 | टी. आर. मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 14,00825.5% |
| 3 | पी. वेंकटेश्वर्लु वाम दल | वाम दल | 12,58522.9% |
| 4 | के. एन. राव Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,1792.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और CPI को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जग्गय्यपेटा से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1967आर. बी. आर. एस. श्रेष्ठी (INC), जीत का अंतर 23.8%
- 1972वी. आर. जी. के. एम. प्रसाद (IND), जीत का अंतर 21.6%