गुत्तीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
गढ़ी लिंगप्पा (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर गुत्ती सीट जीती और साईनाथ गौड़ (निर्दलीय) को 10,828 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 170 का नाम गुत्ती था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 170 राजमुंदरी ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गढ़ी लिंगप्पा | 41,27546.1% | |
| 2 | साईनाथ गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 30,44734.0% |
| 3 | अरिकेरा जगदीश | 15,39117.2% | |
| 4 | डी. रवींद्रनाथ रेड्डी | 1,6351.8% | |
| 5 | इल्लूरु शंकरय्या गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 6 | अब्दुल रजक मिया | 2310.3% | |
| 7 | सिरिसाला विजयकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 8 | एस. फखरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 9 | चिन्नकलप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 10 | हनुमंतु निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 11 | पी.एस. निजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुत्ती से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 64.8%। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।