बूर्गमपहाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
कुंज भिक्षम (CPI) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर बूर्गमपहाड़ सीट जीती और चंदा लिंगय्या (INC) को 19,814 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 275 येल्लंदु थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 275 मडकशिरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कुंज भिक्षम 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुंज भिक्षम वाम दल | वाम दल | 56,94651.2% |
| 2 | चंदा लिंगय्या | 37,13233.4% | |
| 3 | मडकम येर्रैया निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4654.0% |
| 4 | कुरसम लक्ष्मी | 3,9053.5% | |
| 5 | तोलेम नरसय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8253.4% |
| 6 | चंदा लक्ष्मीनारायणा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8952.6% |
| 7 | पुल्लय्या गुम्मडी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0440.9% |
| 8 | दुब्बा आदिलक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.5% |
| 9 | बचल्ला लक्ष्मय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.3% |
| 10 | वट्टम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बूर्गमपहाड़ से कौन जीता, 1978–2004
CPI ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से बढ़कर 51.2% हो गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 66.1% से बढ़कर 72.3% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।